जिला-कोरबा, छ.ग.
विषय- पलाश
विधा- छंद मुक्त कविता
शीर्षक- पलाश
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महीना फाल्गुन का आया खिलने लगे पलाश।
खेतों में बिखरे छवि ,
अनल पुष्प सी दिखते पलाश।
पर्व है होली का आया ,
लेकर हर्ष उल्लास ।
रंगने पक्के रंग में
घर घर आया पलाश ।
अंजुली भर के करते हम ,
शिवजी को अर्पित पलाश,
अपनी मन्नत मांगने जाते ,
लेकर पूरी आश ।
महीना फाल्गुन का आता ;
लेकर अनोखा पलाश ।
।।इति।।
" गोमती सिंह"
कोरबा, छ.ग.
बहुत सुंदर कविता
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