स्थान खोंगापानी
जिला कोरिया (छत्तीसगढ़)
विषय फागुन
रंगों की छटा बिखेरी
आया फागुन मनोहर,
इंद्रधनुषी छटा से सजे
धरती और अम्बर।
चहक उठे मन बावरा
समीर में मधुरता घोले,
डाल - डाल और पात -पात में
काक,पीक है बोले।
मौसम में छाए नशा
वनपलाश ले हिलोरें
रंगों की बहार लिए
मस्त फागुन डोले।
रंगों से सराबोर होने
मन में जागे उमंग,
दुश्मन से भी गले लगने
की ये है पावन मौसम।
फागुन की बात निराली
मिलन की लाएं संदेश,
परदेश से आए पिया
भाए फागुन स्वदेश।।
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