जिला -दुर्ग (छ.ग. )
विषय -बसंत
विधा -स्वतंत्र
देखो बसंत एक संत सौम्य सा आया,
सुख देता हर मन को नव गीत गाया l
वन उपवन सब कुछ सुवासित पाया,
हरियाली चहुँ ओर आच्छादित लाया,
ऋतुराज बसंत हर मन में है छाया ll
ईश्वर देकर ऋतुराज बसंत साकार ,
मानव जीवन को दिया बड़ा उपहार l
मन में हिलोरें एक नवीनता प्रचार,
साथी मिले उन्हे जो ढूढ़ते प्यार,
ऋतुराज बसंत पहनाये सबको हर ll
जिनके साथी आसपास हो आधार,
मधुर सम्बन्ध हो बसंत प्राण आधार l
नव लय, किसलय, नव पत्ते बहार,
बौर आम का, परसा फुले भरमार,
ऋतुराज बसंत करें बुराई संहार ll
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