Wednesday, January 6, 2021

कोरबा से गोमती सिंह की रचना- समंदर का किनारा

रचनाकार--गोमती. सिंह
जिला--कोरबा 
विषय--समुंदर का किनारा 
विधा--कविता
शीर्षक---समुंदर का.किनारा

         समुंदर की ऊँची-ऊँची लहरें तट से टकराकर हमें संदेश दिया करते हैं ,
हृदय में उठती भावनाओं को मर्यादित रखना; ये आवाज उठाया करते हैं । 
हृदय भी अश्रु का एक अथाह समुंदर है जहाँ भावनाओं की लहरें हिचकोले खाती हैं ,
काश ! नामक पलकों की तटों से टकराकर हृदय में समाहित हो जाती हैं ।
तटों से टकराने का दर्द.दिल जाने या.सागर जाने ,
मर्यादित रहने की कीमत ये दोनों ही जानें ।
बड़ी पुरानी बात है -कुछ खोने से ही कुछ मिलते हैं 
तभी तो हर मानव के दिल में समुंदर समाऐ रहते हैं ।
जो पलकों की तटों से टकराकर अंत:पुर में समाहित रहते हैं ।
              ।।इति।।

  " गोमती सिंह"
कोरबा छत्तीसगढ़

No comments:

Post a Comment

दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत

कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528  दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो   काति...