रचनाकार- एच-एस-अरमो ,अरमान ।
निवास--बैरन-बाजार,रायपुर ।
जिला-रायपुर, छत्तीसगढ़ ।
विधा-छ्न्द मुक्त कविता ।
शीर्षक--"" मुस्कान "" ।
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^^^^^**||••मुस्कान ••||***^^^^
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मुस्कुराता चेहरा-----
कितना हंसीन लगता है,
सबको लुभाता और--
सबको अपनी ओर बरबस --
खींचता चला जाता है ।
हम ऐसा कार्य व सेवा करें---
किसी जरूरत मंद या दुःखी के,
चेहरे में,बस थोड़ी मुस्कान --
ला सकें तो--
मिलता है कितना सुकून--।
कुछ लोगों के,चेहरे की आभा---
सबका दिल ,खुश कर देती,
वो,मुस्कुराये भी नहीं--
फिर भी दिखाई दे--
उसके चेहरे से--
हरदम एक,मुस्कान भरी छवि--।
आओ ऐसा एक दीप जलायें ---
किसी दुखियारी मन में भी--
खुशियों का दीप जलायें,
और उसके बुझे हुए चेहरे में,
एक मधुर मुस्कान फैला आयें--।
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व्याख्या--उपरोक्त रचना के माध्यम से यह कहना चाहता हूँ कि मुस्कान के कई रूप होते हैं,बस उनका एहसास कराने की जरूरत है ।
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