डॉ एन के सेठी
बाँदीकुई(दौसा)राज
माँ चंद्रघंटा
(मनहरण घनाक्षरी)
चंद्रघंटा देवी माता
सौम्य शांत रूप भाता
अलौकिक स्वरूप है
श्रद्धा से मनाइए।।
सिंह की सवारी करे
असुर संहार करे
सिर अर्द्धचंद्र घंट
स्वरूप निहारिये।।
स्वर्णिम रूप है प्यारा
सारी दुनिया से न्यारा
वरदान देती है माँ
ज्योत को जलाइए।।
भक्तों को निर्भय करे
दुष्टो का संहार करे
करे माँ दुखभंजन
भक्ति अपनाइए।।
दस हाथ शस्त्र धारे
माँ भक्तजनों को तारे
रूप अनोखा जिनका
मात को मनाइए।।
ज्योत जले जगमग
माता मिले पगपग
मिलकर करे पूजा
मन को लगाइये।।
मात चंद्रघंटा मिले
जीवन खुशी से चले
नवदुर्गा का रूप है
श्रद्धा को जगाइए।।
शिवशंकर भामिनी
भुक्ति व मुक्तिदायिनी
देती अभयदान जो
साधना से पाइए।।
*©डॉ एन के सेठी*
*बाँदीकुई (दौसा)राज*
Sunday, October 18, 2020
राजस्थान से डॉ एन के सेठी की रचना- माँ चंद्रघंटा
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