रचनाकार - भुवेंद्र बघेल "दिलजला"
जिला - गरियाबंद (छत्तीसगढ़)
विधा - गीत
शीर्षक - स्वदेशी
*स्वदेशी*
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स्वदेशी अपना कर देश का मान बढाएंगे।
जो कर्ज राष्ट्र का खाए हैं हम उसे चुकाएंगे।।
स्वदेशी अपना कर देश का मान बढ़ाएंगे।
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1तन स्वदेशी रंग स्वदेशी मन स्वदेशी बनाएं।
छोड़ विदेशी ताना बाना गीत स्वदेशी गाएं।।
जो भी हमको छेड़े उसको सबक़ सिखाएंगे।
स्वदेशी अपना कर देश का मान बढ़ाएंगे।
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2अपने तो अपने हैं अपनों को अपनाओ।
परदेशी सामान छोड़ देशी को अपनाओ।।
ना कोई ब्राण्ड यहाँ अपना ब्राण्ड बनाएंगे।
स्वदेशी अपना कर देश का मान बढ़ाएंगे ।
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3आओ जागें देश जगायें सोये हिंदुस्तान जगायें।
देश के सम्मान में अपना स्वाभिमान जगायें।।
मिलकर आओ देश को आत्मनिर्भर बनाएंगे।
स्वदेशी अपना कर देश का मान बढ़ाएंगे।
Monday, October 19, 2020
गरियाबंद से भुवेंद्र बघेल "दिलजला" की रचना- स्वदेशी
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