शीर्षक:- *मेरी बिटिया रानी *
पता:- चेंबुर , मुंबई, महाराष्ट्र
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मेरी बिटिया रानी
एक बात कहुं
गर सुनती हो...
तुम मुझको बडी
अच्छी लगती हो...
कुछ चंचल सी
कुछ चुपचुप सी ..
कुछ पगली सी
बड़ी प्यारी प्यारी
लगती हो...
है चाहने वाले
तेरे और बहुत ....
पर तुम मे है
कुछ बात अलग ..
तुम अपने सपने सी
लगती हो...
बडी मासुम सी
दिखती हो...
एक बात कहुं
गर सुनती हो...
तुम मुझको बड़ी
अच्छी लगती हो...
आँखों में बसे है
कई सपने तुम्हारे
रहे ना कोई अधुरे
सब हो जायें पुरे...
तुम सबको
ईतना भाती हो
की सबको तुमसे
प्यार हो जाये ...
बड़ी अच्छी अच्छी
लगती हो...
एक बात कहुं
गर सुनती हो...
तुम मुझको बडी
अच्छी लगती हो...
बस मेरा है इतना कहना
जिवन की दौडमें
हमेशा आगे ही रहना
आये कोई भी
कितना बड़ा संकट
बड़े धैर्य से उससे
तुम निपटना ....।
ना संकट से हार जाना
ना ही थक कर लौट जाना
बस आगे ही आगे
बढते जाना, बढ़ते जाना
इसमें होगी जित तुम्हारी
यही होगी प्रित हमारी
मेरी प्राणप्रिय प्यारी हो
एक बात कहुं
अगर सुनती हो...
तुम मुझको बड़ी
अच्छी लगती हो...!
तुम मेरी बिटिया रानी हो ..।
संजय वासनिक
( कन्या दिवस पर मेरी बेटी को समर्पित)
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