Monday, September 21, 2020

देवयानी शुक्ला जी की रचना- भागीदारी

०१. रचनाकार :- देवयानी शुक्ला
०२. जिला/राज्य :- रायपुर (छत्तीसगढ़)
०३. शीर्षक :- भागीदारी
०४. विधा :- मुक्त 
----------------------------
भागीदारी 

निःसर्ग अक्सर डाँटा करता है 
उछलती बहती नदी को

"क्यों लुटा रही हो अपनी मिठास उस खारे सागर पर 
वो कभी मीठा ना हो पाएगा"

नदी हर बार हँसकर कहती है
"ताकि वो 
खारा होते-होते
एक दिन हलाहल ना बन जाए.."

नदी जानती है ...
सागर की प्रकृति खारी है
पर नदी यह मानती है कि
सागर के पानी में 
उसकी मीठी भागीदारी है ।
-----------------------------

No comments:

Post a Comment

दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत

कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528  दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो   काति...