Wednesday, July 1, 2020

राजनांदगांव से पदमा साहू की रचना- आस

शीर्षक,,,, आस
रचनाकार श्रीमती पदमा साहू खैरागढ़ छत्तीसगढ़
छंद मुक्त कविता

हे! मानव जीवन में कभी न होना निराश।
हो जाओ गर असफल  कोई  बात नहीं,
बाधाओं को चीरने होना मत कभी हताश।

 *अलख हरि की माया, कहीं धूप कहीं छाया।* 
विश्वास अटूट ना हो तो कमबख्त,
साथ छोड़ देती है प्रतिकूल समय स्वयं का साया।

आती रहती है कभी गम कभी खुशियां ।
 होठों पर मुस्कान लिए हरदम अपने,
जीवन में बांटते चलना सबको खुशियां।

दुःख पानी की लकीर सुख की लहर से मिट जाएगा।
उम्मीद का दामन कभी न छोड़ना जीवन में,
एक दिन आगे बढ़ बुलंदियों को पाएगा।
श्रीमती पदमा साहू खैरागढ़
 जिला राजनांदगांव छत्तीसगढ़

No comments:

Post a Comment

दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत

कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528  दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो   काति...