Wednesday, July 29, 2020

जांजगीर चांपा छत्तीसगढ़ से कवयित्री रंजना मखीजा जी की कविता- मेरी गुड़िया

रंजना मखीजा
अकलतरा जांजगीर छत्तीसगढ़
   ****मेरी गुड़िया****

आने वाली है छोटी सी मेरी गुडिया
लोगों देखो वो मेरी जादू की पुडिया।
       मेरे घर पर जब वो आए
        रंग सुनहरे वो बिखराए
       अम्मा अम्मा मुझको बोले
       नन्हे क़दमों से जब डोले
 सजने लगती हैं मेरे सपनो की दुनिया
लोगों देखो वो ............
 
    एक दिन फिर वो बढ़ जाएगी
     बेलों जैसे बलखाएगी
     आएगा सपनो का राजा
      होंगे हाथी घोड़े बाजा
    डोली में विदा हो जाएगी मेरी मुनिया
लोगों देखो वो मेरी.......
        स्वरचित
        रंजना मखीजा
       अकलतरा जांजगीर

18 comments:

दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत

कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528  दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो   काति...