रचनाकार -- प्रवीण कुमार ठाकुर
जिला -- राजनांदगाँव (छ.ग.)
शीर्षक -- " मेरी माँ "
विधा -- मनहरण घनाक्षरी(छंद)
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।।1।।
ऐसी कोई कहीं नहीं,माँ जैसी कोई भी नहीं ,
महिमा तेरी अपार , माता तू महान है ,
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।।2।।
फर्ज निभाए हैं सारे , माँ प्राणी तुम्हें पुकारे ,
सब पर तेरा कर्ज , माँ से ही जहान है ,
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।।3।।
नौ मास तू कोख धरे , बेटा दुख से है परे ,
हमें रक्त सींचा करे , स्वार्थी तू इंसान है ,
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।।4।।
दर्द मुझे हो तू रोती , रोता हूँ तो तू है रोती ,
भूखी तू दे मुझे रोटी , बेटा माँ की जान है ।
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रचनाकार
प्रवीण कुमार ठाकुर
पतोरा , छुरिया , राजनांदगांव ,
(छ.ग.)
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