Tuesday, June 30, 2020

रायगढ़ से पुष्पा पटनायक की रचना- भारतीय सभ्यता

रचयिता- पुष्पा पटनायक 
स्थान-बनाई तमनार, रायगढ़ 
विधा- छंदमुक्त कविता 
(आधा तीतर आधा बटेर मुहावरा का  प्रयोग)
शीर्षक -"भारतीय सभ्यता"
************************
भागे भागे फिरते हैं
भारतीय सभ्यता से
और संस्कृति  से
जिसे विश्व ने माना
गुण गाता जमाना
पश्चिमी संस्कृति
सुविधा को अपनाती
भारतीय, सादा जीवन
उच्च विचार कहती
अंग्रेजी  शासन
क्या  आया
पाश्चात्य चलन बढ़ा
तन  तो  पहने
कोट  और  टाई
मन  में   इच्छा
साड़ी पहने माई
तन   पर   चढ़े 
पाश्चात्य  सभ्यता
और  मन  में 
भारतीयता छाई
ना पूरी  पश्चिमी
ना भारतीय भाई
दो टूक पुष्पा कहती 
आधा तीतर 
आधा बटेर है साईं ।

2 comments:

  1. बहुत सुन्दर कविता है पुष्पा

    ReplyDelete
  2. Bilkul sahi kaha aapne kahani ke Madhyam Se Aapne Apni Bat Samne Rakhi
    Bahut Khub Didi

    ReplyDelete

दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत

कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528  दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो   काति...