Saturday, June 20, 2020

राजनांदगाँव से पदमा साहू की रचना- प्रार्थना

रचनाकार श्रीमती पदमा साहू 
खैरागढ़ जिला राजनांदगांव छत्तीसगढ़।
विधा... वर्ण पिरामिड
शीर्षक .. ईश प्रार्थना

 मैं 
 ज्ञान 
 प्रकाश 
 चाहती हूं ,
 अंधकार में
 उजाले का साथ
 मैं सदा मांगती हूं।

 मैं 
सदा
अपना 
गम भूल ,
औरों का गम
अपना बना लूं,
मैं वर मांगती हूं।

 हे!
 प्रभु
 भू पर
 खुशहाल
 तेरेे संतान ,
रहे सदा यह
मांगती वरदान। 

 हो 
 जब 
 मुझसे 
 भूल कहीं ,
 संतान मान
 क्षमा कर देना
 प्रार्थना मेरी यही।


व्याख्या:
यह मेरी वर्ण पिरामिड की पहली रचना है ।मैंने ईश्वर से प्रार्थना की है इस रचना में कि हे ! ईश्वर मेरी यही अभिलाषा है कि हमेशा अंधकार में उजाले का साथ हो।
और दूसरे के दुख को मैं हमेशा अपना दुख समझ कर उनको कम कर सकूं। और इस धरा पर कोई भी दुखी ना हो सब सुखी रहे और यदि कभी मुझसे गलती हो जाए तो भगवान मुझे अपनी संतान समझ कर क्षमा कर देना।
श्रीमती पदमा साहू खैरागढ़ जिला राजनांदगांव छत्तीसगढ़

1 comment:

  1. परोपकार की भावना से निहित सुंदर कविता

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