रचनाकार-एच-एस-अरमो" अरमान "
निवास-रायपुर छत्तीसगढ़ ।
जिला- रायपुर ।
शीर्षक--"मतभेद "
विधा-कविता (छ्न्द-मुक्त )
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""""मतभेद """""""
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जीवन में,अच्छे लोगों का मिलना,
है,कितना मुश्किल----
उससे ज्यादा,उनको ढूँढना है मुश्किल।01।
जीवन में,बेज़ुबान पत्थरों की तरह,
पहाड़ों में,एक- दूसरे पर,
टिके रहना,सन्तुलन बनाना,
होता है,कितना मुश्किल ।02।
हम हर छोटी सी बात पर,
अपनी प्रतिक्रिया हैं जताते,
सन्तुलन बनाये रखने के लिए भी,
उतना ही मुश्किल होता है,मौन रहना।03।
सोचो,गर ,परिवार में मिले कोई ऐसा,
मिलता,सुकून कितना,जिन्दगीं को,
आज हम,ना जाने क्यूँ----
जुड़ने के बजाय, बिखरते जा रहे हैं,
पर,सबको मुखिया बन----
जोड़े रखना, है मुश्किल ।04।
आओ ,अपनों में घुली,खटास को,
दूर करने,सद्भाव का मक्खन लगायें,
सूखी,मनमुटाव की नदिया में,
वर्षा का,जल, बन,उसमें बह जायें,
फिर,बरबस ,दोनों किनारे ,आपस में,मिल जायेंगे ।05।
आओ ,हम-सब मिलकर---
ऐसा जतन कर जायें,
फिर,एक बार,मुस्कुराती रहेगी,
हमारी भी,अपनी जिन्दगी ।06।
***********इति***********
व्याख्या----उपरोक्त रचना के माध्यम से यह कहना चाहता हूँ कि इसमें पारिवारिक मतभेद जो दिखते नहीं पर रहते जरूर हैं ।उन्हे दूर कर पुन: खुशियां ला सकते हैं ।
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