Saturday, May 30, 2020

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ से गुलाब सिंह कंवर"गुलाब" की रचना- मजदूर

रचना कार-गुलाब सिंह कंवर"गुलाब"
स्थान-खरसिया
जिला-रायगढ़
शीर्षक-मजदूर
विधा-कविता
~~~~~~~~~~~~~~~
 मजदूर
------------------
घाम पियास म बुता करे बर,
हावय ग  मजबूर।
मेहनत कस बड़ा काम करैया,
दुनिया के मजदूर।।


मेहनत करके पेट पालथे,
अउ परिवार चलाथे।
थप-थप थिपे मुड़ी ले पसीना,
त दू पैसा ओ हर पाथे।।

कड़ -कड़ ठंडा पड़त रइथे,
अउ तीपत रइथे घाम।
दिल से करथे कठिन परिश्रम,
ओला कहां आराम।।

पेट भर खाना, तन भर ओनहा,
 सिर बर छइंहा चाही।
हपट-हपट के बुता करके,
ठोमहा भर रासन पाही।।

दुनिया म विकास के खातिर,
जिनगानी होम करे।
मेहनत के बलबूता ले,
लोहा, पथरा ल मोम करे।।

सड़क बांध अउ बिल्डिंग, ल,
अपन हाथ म सिरझाथे,।
कारखाना म जबर बुता करके,
तभो ले पेट भर नइ खाथे।।

तोर भरोसा सबो काम होथे,
हमन ल बड़ा गुरुर।
मेहनतकस बड़ा काम करैया,
दुनिया के मजदूर।
----------------------
 गुलाब सिंह कंवर"गुलाब"

No comments:

Post a Comment

दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत

कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528  दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो   काति...