जिला▪️ रायगढ़ (छत्तीसगढ़ )
विधा ▪️कविता
शीर्षक▪️ *विपदा*
विपदा आन पड़ी कैसी ये ,
दुख की घड़ी बड़ी ये l
घरो में सिमट गया बचपन ,
लोगो ने की नादानी कैसी ये l
हाथ पिले होने थे जिन बेटियों के ,
कुछ दिन और कुवारी रह गई ये l
जाना था जिन माता पिता को तीर्थ ,
चार दीवारों में कैद हो गये ये l
कमाना था पिता को बच्चो के लिये ,
देखो कैसी लाचारी झेल रहे ये l
समय रुक सा गया है जैसे ,
विपदा आन पड़ी कैसी ये l
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