Tuesday, April 7, 2020

उत्तरप्रदेश से शिवानन्द चौबे की रचना

शिवानन्द चौबे 
जौनपुर उत्तर प्रदेश
आया करिए -
9554606070


दिन ढले रोशनी चिराग में आया करिए।
सूने खंँड़हर में नहीं बाग में आया करिए।
आप आते हो मेरे आंँसुओं क्यों हरदम।
कभी सीने में दबी आग में आया करिए।
राम के धनुष शिव के नाग में आया करिए।
राधा के स्नेह व्रज के फाग में आया करिए।
द्यूत में कौरवों के भूल से भी मत आना।
भरत के बन्धु प्रेम त्याग में आया करिए।
घास की रोटी बिना साग में आया करिए।
राणा के शीश सजी पाग़ में आया करिए।
चेतक सवार को उड़ जाता था ले कर के।
तनिक हवा से हिली बाग में आया करिए।
कान्ह की बंशी कर्ण दान में आया करिए।
शिवा की असि में और म्यान में आया करिए।
राजगुरु सुखदेव आजाद भगत सिंह बिस्मिल।
बाघा जतीन के बलिदान में आया करिए।
महादेवी की घनी पीर में आया करिए।
हुए निराला गजब फकीर में आया करिए।
कभी मीरा के विष भरे प्याले में या।
कभी तुलसी कभी कबीर में आया करिए।
जबाब न सही सवाल में आया करिए।
इत्र की खुशबू हो रुमाल में आया करिए।
आप तो आइए हुजूर अर्ज है इतनी।
पास नहीं न सही खयाल में आया करिए।

1 comment:

  1. बहुत सुन्दर रचना। शुभकामनाएं।

    ReplyDelete

दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत

कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528  दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो   काति...