राज्य- छत्तीसगढ़,
शीर्षक- है क्या तुमको याद
*तुम घर में जब पहली आई, है क्या तुमको याद,*
*जीवन ने फिर ली अँगड़ाई, बहुत दिनों के बाद।*
*लहराती इठलाती चलती, भर कर मन में मोद,*
*कानों में मिश्री सी घुलती, करती जब संवाद।*
*झूम झूम गाते थे लोरी, मुन्नी को ले गोद,*
*मंद मंद रेणु मुस्काती, जीवन हुआ प्रसाद।*
*मेघ दूत बन फिर बादल ने, पहुँचाया संदेश,*
*हुआ प्रफुल्लित यह घर आँगन, पूरी हुई मुराद।*
*खुशियों की बारिश मन भावन, बहुत किये दिन रैन।*
*धन्य हुआ जीवन अब साथी, तुम्हें मुबारकबाद।।*
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