Wednesday, March 11, 2020

छत्तीसगढ़ से नलिनी बाजपेयी की रचना- जीवन एक चुनौती है

कवियित्री-नलिनी बाजपेयी                     
 शीर्षक-जीवन एक चुनौती है।   
      राज्य-छत्तीसगढ़।  

         
       जीवन एक चुनौती है
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सूर्य से तेज मांग लूं
चांद से शीतलता,
 नदियों से रवानी,
लक्ष्य भेद को मन मेरा हूंकारता ।

चाहे आए दुर्गम गिरि चाहे 
फूटे ज्वालामुखी ,
चाहे आए संकट बड़ा
हर चुनौती है स्वीकारनी ।

देश में आया संक्रमण काल 
कमर कस लो आज ,
जीवन चुनौती है कर लो 
आज अग्नि का साज।

तुम रूको नहीं 
झूको नहीं थको नहीं। 
आए हैं दुनिया में ,
बाधाओं से डरना नहीं। 

मोड़ दे राह सृजन कीओर 
तोड़ दे सब रूढ़ियां,
हर पल ठोकर लगेगी 
मगर मिटा देंगे दूरियां।

देश के उत्थान की 
आओ शपथ लें,
रेत से नवनीत निकालने का
आओ संकल्प लें।

उम्मीदों का शहर 
यूँ छोड़ा नहीं करते ,  
 मंजिल भले दूर हो ,
हिम्मत हारा नहीं करते।

जिंदगी है एक 
खूबसूरत चुनौती,
हर पल उस से जूझने की 
मांग लो मनौती।

सूर्य से तेज मांग लूं ,
चांद से शीतलता,
नदियों से रवानी ,
लक्ष्य भेद को मन मेरा हुंकारता।
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    नलिनी बाजपेयी
संबलपुर,कांकेर (छ. ग.)
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