राज्य -पश्चिम बंगाल
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शीर्षक- “ बात मर्यादा की है”
प्रातः भ्रमण कारी
मेरे एक बुजुर्ग मित्र हैं
जो कहते हैं
वह भगवान नहीं
जो एक धोबी के कहने से
उसकी बात मान कर /उससे डर कर
अपनी बीवी को
घर से निकाल दिए
क्या उन्हें अपनी बीवी पर
विश्वास नहीं था
मैंने कहा -"बात विश्वास की नहीं
बात मर्यादा की है
बात भगवान राम की नहीं
बात मर्यादा पुरुषोत्तम
राम की है
अयोध्या नरेश
राजा दशरथ के पुत्र
सीतापति राम की है
बात लक्ष्मण के
जेष्ठ भ्राता श्री राम की है
बात एक पति की नहीं
बात एक राजा की है
और एक राजा की नजर में
सारी प्रजा समान है
कोई उन पर उंगली
ना उठाएं
ऐसा उनका विचार था
इसीलिए उस धोबी के
बात को भी बड़ा महत्त्व दिया था
और मर्यादा
स्थापित करने के लिए कि
उनके राज्य में सभी समान है
सबका बराबर अधिकार है
सबकी बातें सुनी जाती है
एक पति को
महान बनाने में
पत्नी का योगदान है
बात यही बड़ा महान है
दिनेश चंद्र प्रसाद "दीनेश" कलकत्ता
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