Monday, December 23, 2019

बिहार से कंचन प्रभा की रचना गृहलक्ष्मी

नाम-कंचन प्रभा 
राज्य-दरभंगा,बिहार
शीर्षक- गृह लक्ष्मी


         *गृह लक्ष्मी* 

घर की गृह लक्ष्मी तु 
तु देवी का स्वरूप है
रखे घर का पूरा ध्यान
दुर्गा सरस्वती का रूप है

जब कोई पड़े बिमार
तु चिकित्सक बन जाती है
जब कोई करे सवाल
तु शिक्षक बन जाती है

दो हाथ है तेरे पर तु
दस हाथों का काम है करती
चलती रहती पुरे दिन तु
किसी काम से नही तु थकती

रखती सबका पूरा ख्याल
बुढ़े बच्चे हो या लाचार
तरह तरह के पकवान बना कर
खुब लुटाती अपना प्यार

*कंचन प्रभा*
*दरभंगा बिहार*

10 comments:

दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत

कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528  दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो   काति...