Tuesday, December 17, 2019

राजस्थान से बजरंग लाल सैनी वज्रघन की रचना- नागरिकता

बजरंग लाल सैनी "वज्रघन"
राज्य - राजस्थान 
 शीर्षक - - नागरिकता (CAB)
संपर्क 8769764786 
छंद - - हाइकु (जापानी)
वर्ण-विन्यास--5,7,5


मिला सम्मान ,
नागरिकता पाई, 
खुशी अपार। 
हर्षाया मन, 
सर्वांग प्रफुल्लित, 
मना त्योहार। 
दिया सम्मान, 
अपनाकर हमें, 
धन्य हो तुम। 
वर्षों की पीड़ा, 
आज मिट गई है, 
कृतज्ञ हम। 
देश निकाला, 
खूब भोग लिया है, 
मैं घर आया। 
कैसे कहूँ मैं, 
आनन्द कितना है, 
मन में छाया। 
निकला चाँद, 
राहू को पार कर, 
उज्ज्वल मुख। 
भारत देश, 
सबका है सहारा, 
मिलता कूल। 
सच्चा सहारा, 
"वज्रघन" कहता, 
तुमने दिया। 
वंचितों को है, 
देने न्याय तुमने, 
फैसला लिया। 

बजरंग लाल सैनी "वज्रघन"

5 comments:

  1. वर्तमान परिदृश्य पर उत्तम सृजन

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  2. निकला चाँद

    राहू को पार कर-

    उज्ज्वल मुख
    ,,,,,,,,,,,,,,सुंदर हाइकु...
    बधाई...

    ReplyDelete

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