Monday, December 2, 2019

राजस्थान से गोविंद सिंह राव की कविता- इंसानी गिद्धो का सर्वनाश

कवि - गोविन्द सिंह राव
राज्य - राजस्थान 
शीर्षक - इंसानी गिद्धो का सर्वनाश 
सम्पर्क - 9772663818
-------------------------------------

असुर जाति औलादें,
इंसान में अब भी जिन्दा है।
शैतानों की शैतानी भी,
इंसनों से शर्मिन्दा है ।

बेटी असुरों की अपनों से,
सम्मान बड़ा ही पाती थी।
लेकिन इंसानी कुत्तों से,
बेटी अब नोंची जाती हैं ।
  
देख दरिन्दो की करतूतें,
दुख असुरों को होता होगा ।
आंखों में अश्रु भर भर कर,
खुद रावण भी रोता होगा ।

वो नादान कली जो उनसे ,
दया करो चिल्लाती है ।
पर गिद्धो की टोली उसको,
नोंच नोंच कर खाती है।

ऐसी करतूतों से हमको,
शर्म नहीं क्योंकर आती।
क्यों नहीं भृकुटी तनती है,
फट जाती क्योंकर नहीं जाती ?

नारी की अस्मिता को,
अखण्ड यदि रखना होगा ।
तो इन गिद्धो का सर्वनाश ,
अब हमको करना होगा ।

69 comments:

  1. बहुत बढ़िया गुरुजी

    ReplyDelete
  2. बहुत सुन्दर कविता साहब

    ReplyDelete
  3. बहुत अच्छी कविता.. .और दुःखद भी

    ReplyDelete
  4. Bahut khub janab

    ReplyDelete
  5. Aaj ki ghatnao ke sandhrbh me 100% Satya..

    ReplyDelete
  6. हकीकत को बयां करती समसामयिक कविता

    ReplyDelete
  7. छाजू राम यादवDecember 2, 2019 at 6:38 AM

    हकीकत को बयां करती श्रेष्ठ रचना

    ReplyDelete
  8. हकीकत को बहुत ही मार्मिक ढंग से व्यक्त करती सुन्दर रचना

    ReplyDelete
  9. सामाजिक यथार्थ का वास्तविक चित्रण।बहुत खूब।

    ReplyDelete
  10. निःशब्द,

    ReplyDelete
  11. बहुत ही लाजवाब रचना

    ReplyDelete
  12. वास्तव मे शब्दों मे जान हैं।

    ReplyDelete
  13. हकीकत को बंया करती रचना

    ReplyDelete
  14. शानदार प्रस्तुति सर जी

    ReplyDelete

दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत

कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528  दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो   काति...