Tuesday, November 12, 2019

Poem of poet Sundar Lal Dadsena Madhur from Chhattisgarh - Pride-youth of India


कवि -सुन्दर लाल डडसेना"मधुर"
राज्य-छत्तीसगढ़,जिला- महासमुंद
शीर्षक-भारत के गौरव-युवा
मोबाइल- 8103535652
             9644035652


युवा तुम कल के
गौरव मान सम्मान हो।
जीवन की कल्पना
और भविष्य की उड़ान हो ।
तुम संस्कृति के रक्षक
कला,काव्य,कर्म के संतान हो।
तुम आशा की एक किरण
प्रदीप्त ज्योत समान हो।
जीवन को मिलती
नयी आशा और परिभाषा।
गर प्रण किये तो
बह जाए गंगा सी विकासा।
तुम्हारे से ही टीका
भारत का मान सम्मान।
तुम हो तो हर मुश्किल
लगता है बहुत आसान।
तुम ही तो आज हो
कल की सौगात हो।
तुम सफलता की मूरत
तुम धैर्य की जज्बात हो।
तुमसे ही भारत महान है
तुम हो तो रोशन सारा जहान है।
तुम जीवन की सीख हो
तुमसे ही तो पूरा हर अरमान है।

*सुन्दर लाल डडसेना"मधुर"*
ग्राम-बाराडोली(बालसमुंद),पोस्ट-पाटसेन्द्री
तह.-सरायपाली,जिला-महासमुंद(छ.ग.)
मोब. ८१०३५३५६५२
        ९६४४०३५६५२
ईमेल- sldmadhur13@gmail.com

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