Monday, November 18, 2019

छत्तीसगढ़ से डीसी त्रिपाठी की रचना- चाहता हूँ।

नाम---  डीसी त्रिपाठी
राज्य-- छत्तीसगढ़
जिला-- रायपुर
संपर्क -- 9893900105
#चाहता हूँ।
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निगाहें मरकज़ में चाहत बसाना चाहता हूँ,
  हर बात अपनी अब  तुमको बताना चाहता हूँ।
मैं दीवाना हो गया तुम्हारी ख़ुशमिजाजी का ,
तुम्हारी हर अदा को अपना बनाना चाहता हूँ।
ज़िंदगी जीना  मुश्किल सा लगता है तेरे बग़ैर ,
आतिशे इश्क में ख़ुद को जलाना चाहता हूँ ।
हाथ थामे चल पड़े हैं एक अनजानी डगर ,
मैं शबे- माहताब में तेरे साथ चलना चाहता हूँ।
तुम्हारी मुश्कुराहट से मोहब्बत हो गई मुझको ,
अपने दिल में तुम्हारा घर बनाना चाहता हूँ।
तुम्हारे इंतज़ार में कितनी ही शाम गुज़री है ,
जनूने इश्क में अब हद से गुज़रना चाहता हूँ।
मेरी नज़र से देखो कितना सुर्ख है  चेहरे का नूर ,
तुमको अपने घर की ज़ीनत बनाना चाहता हूँ।
धड़कनों के शोर में क्या सुन सकोगी दिल की बात,
कह रहे जज़्बात क्या तुमको सुनाना चाहता हूँ ।
#दिवाकर जा रहा ढलने चांदनी रात आएगी ,
हुश्न की रोशनी में आज कुछ गुनगुनाना चाहता हूँ ।
डीसी त्रिपाठी

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