Tuesday, November 12, 2019

पश्चिम बंगाल से दिनेश चंद्र प्रसाद "दीनेश" की कविता- बाबा

नाम-दिनेश चंद्र प्रसाद "दीनेश"
राज्य-पश्चिम बंगाल
मोबाईल-9434758093
विधा- कविता
शीर्षक -"बाबा"


दुनिया भर में भरे पड़े हैं
चमत्कारी बाबा
और भरी पड़ी है
उनकी चमत्कारिताएँ
फिर क्यों कष्ट पाती है
उनकी संतानें
कोई सालों से खाया  नहीं
कोई पानी पर चलता है
तो कोई आग से खेलता है
गेरुआ वस्त्र धारण कर
भरे पड़े हैं योगी
फिर उनके भक्त
क्यों होते हैं रोगी
चोरी डकैती और ऐय्याशी
जी भर कर करते हैं
फिर कानून से बचने के लिए
बन जाते हैं बाबा
लगती है भीड़ भक्तों की
ठगी जाती है
अंधविश्वासी जनता
मालामाल हो जाते हैं बाबा
तो रहिये सावधान
बचिए इन तथाकथित
बाबाओं से
ढोंगियों पाखंडियों से.
दिनेश चंद्र प्रसाद "दीनेश" कलकत्ता

No comments:

Post a Comment

दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत

कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528  दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो   काति...