Monday, November 11, 2019

बिहार से गणपति सिंह की रचना- चमचई

,नाम :- गणपति सिंह
राज्य :- बिहार
विषय :- चमचई
चलभाष :- ९७९८४२०२०२
      चमचई
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हम चमचई ना कर पइनी
कोई  के  एह  जमाना  में।
हम   पीछहीं  रहीं   गइनी
भइया हम एह जमाना में।।
दारू  शराब  ना  पिअनी
ना  गइनी  शराबखाना में।
कामयाबी ना मिलल जी
जिनगी कटत बा ताना में।।
आइल समइया अइसन बा
ना बिस्वास मेहनाताना में।
ऊपरी आमदनी बनावे के
जे  रहे  हरमेस जमाना में।।
दिन दूनी रात चौगुनी बढ़े
झूठ साँच बोल जमाना में।
जे करे चमचई  इहँवा जी
ऊहे परगति करे जमाना में।।
का  राह  देखाई  दोसरा  के
खुदे नकारा हम  जमाना में।
कोई  ना सुने  बात हमर जी
सभे फँसल नाया फसाना में।।
अँखियाँ मिलल रहे हमरो जी
एगो  सहजादी  से  बिराना में।
एहुजा पिछुअइनी हम भइया
साध ना पुरवनी हम जमाना में।।
टुटल दिल हमर उनका प्यार में
बरबाद भइनी हमहुँ जमाना में।
हे गणपति! हमरो  नाम छुटल
ना लिखाइल नाम  दिवाना में।।
गणपति सिंह
छपरा बिहार

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