Monday, November 11, 2019

बिहार से कंचन प्रभा की रचना- मोबाईल का दुरुपयोग

कवयित्री- कंचन प्रभा
राज्य- दरभंगा , बिहार
शीर्षक- मोबाइल का दुरुपयोग


*मोबाइल का दुरुपयोग*


आज के दौड़ में ये खास हो गये हैं।
मोबाइल के घर घर में बास हो गये है।
जरूरी काम से बढ़ कर काम बेकार होने लगे है।
रिश्ते अब मोबाइल मे ही बन्द हो कर रह गये है।
बहुत से सच झूठ वायरल हो रहे हैं।
वायरल मैसज यहाँ दंगे करा रहे हैं।
गलियों के खिलाड़ी अब दिखते कहीं नही।
मोबाइल के कारावास मे बच्चे बन्द हो गये हैं।
दस लोग एक ही घर मे गूँगे बन गये हैं।
चैटिंग करके हर बात पूछने लग गये हैं।
*कंचन प्रभा*
*दरभंगा बिहार*

7 comments:

दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत

कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528  दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो   काति...