1.कवि का नाम - गिरिजा प्रसाद पाण्डे
2.राज्य - छत्तीसगढ़(कोण्डागाँव)
3.शिर्षक - आर.एच.ओ.(R.H.O.)
4.सम्पर्क - 9691760900
2.राज्य - छत्तीसगढ़(कोण्डागाँव)
3.शिर्षक - आर.एच.ओ.(R.H.O.)
4.सम्पर्क - 9691760900
"आर.एच.ओ.",(R.H.O.)
त्याग,सेवा,समर्पण के साधक हैं जो।
जनसेवा,मानव कल्याण के प्रसारक हैं जो।
समाज सेवा, व्यवहारशीलता के सुधारक हैं जो।
ये यूँ ही नही कहलाते हैं,हम आर.एच.ओ.।।
जनसेवा,मानव कल्याण के प्रसारक हैं जो।
समाज सेवा, व्यवहारशीलता के सुधारक हैं जो।
ये यूँ ही नही कहलाते हैं,हम आर.एच.ओ.।।
स्वा.विभाग के प्रथम ईकाइ,प्रथम कड़ी कहलाते हैं जो।
शासन और जनसमुदाय के सिधे सम्पर्क में रहते हैं जो।
विभिन्न लक्ष्यों को पुरा कर, स्वा.सेवा मुह्वैया कराते हैं जन को।
ये यूँ ही नही कहलाते हैं,हम आर.एच.ओ.।।
शासन और जनसमुदाय के सिधे सम्पर्क में रहते हैं जो।
विभिन्न लक्ष्यों को पुरा कर, स्वा.सेवा मुह्वैया कराते हैं जन को।
ये यूँ ही नही कहलाते हैं,हम आर.एच.ओ.।।
कठिन परीक्षा और सघन प्रशिक्षण सफल हैं जो।
डाँक्टर,फार्मासिस्ट,लैबतकनीशियन एवं सभी कार्यों मे सबल हैं जो।
सम्पुर्ण तकनीकि कार्यों का सम्पादन कर नाँन-टैक्नीशियन कहलाते हैं जो।
ये यूँ ही नही कहलाते हैं,हम आर.एच.ओ.।।
डाँक्टर,फार्मासिस्ट,लैबतकनीशियन एवं सभी कार्यों मे सबल हैं जो।
सम्पुर्ण तकनीकि कार्यों का सम्पादन कर नाँन-टैक्नीशियन कहलाते हैं जो।
ये यूँ ही नही कहलाते हैं,हम आर.एच.ओ.।।
नदी-नाला,जंगल-झाड़ी,डोंगरी-पहाड़ी पार कर जाते हैं जो।
रख कर जान जोखिम में अपनी,नक्सलहिंसा भी सहजाते हैं जो।
निरन्तर प्रयास से स्वास्थ्यमय समुदाय बनाते हैं जो।
ये यूँ ही नही कहलाते हैं,हम आर.एच.ओ.।।
रख कर जान जोखिम में अपनी,नक्सलहिंसा भी सहजाते हैं जो।
निरन्तर प्रयास से स्वास्थ्यमय समुदाय बनाते हैं जो।
ये यूँ ही नही कहलाते हैं,हम आर.एच.ओ.।।
करते हैं अथक प्रयास,की मिले स्वा.सेवा जन-जन को।
ना करते परीवार की परवाह,ना चिंता स्वयं अपने तन को।
हो लाख परेशानीयाँ पर प्रशंचित रखते हैं,मुख-मन को।
ये यूँ ही नही कहलाते हैं,हम आर.एच.ओ.।।
ना करते परीवार की परवाह,ना चिंता स्वयं अपने तन को।
हो लाख परेशानीयाँ पर प्रशंचित रखते हैं,मुख-मन को।
ये यूँ ही नही कहलाते हैं,हम आर.एच.ओ.।।
बेशक वीरता चक्र,अर्जुन चक्र दो सेना के बलीदान को।
परन्तु याद रखना जनसेवा में समर्पित योगमाया के कुर्बान को।
ज्यादा कुच्छ न दरकार हमारी हमको हमारा अधिकार दो।
सम्मानजनक वेतनमान एवं तकनीशियन का फरमान दो।।
परन्तु याद रखना जनसेवा में समर्पित योगमाया के कुर्बान को।
ज्यादा कुच्छ न दरकार हमारी हमको हमारा अधिकार दो।
सम्मानजनक वेतनमान एवं तकनीशियन का फरमान दो।।
जय आर.एच.ओ.(R.H.O.)=Rural Health Organizer
ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक
ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक
गिरिजा प्रसाद पाण्डे
कोण्डागाँव(बस्तर)
कोण्डागाँव(बस्तर)

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