कवि-शंकर गोयल
शीर्षक -बीमार पेड़
राज्य-छत्तीसगढ़
संपर्क-7000484610
shankar.pithora@gmail.com
Tiwtter-@goyalshankar
~~~~~~~~~~~~~
*बीमार पेड़*
सूखे व पीले पत्ते को देख कर ,
मैंने पत्ते से पूछा - बीमार हो क्या ?
उसने कहा- बीमार नहीं, पर्यावरण की मार है।
घटता जलस्तर, पर्यावरण खराब हो गया।
हमारा जीना दुश्वार हो गया, धरती को बचाने के लिए, लोग रोज़ लगाते हैं नारा, बचाया तो नहीं लेकिन
लोगों ने रात-दिन हमको मारा।
रोज काटा,रोज जलाया ,
बदले में उसने एक पेड़ न लगाया।
सूखे पेड़ ने कहा -ऐसा गीत रोज़ गाओ,
बदले में आप एक एक पेड़ लगाओ ।
और जगत में जीने की आस जगाओ ,
यही तो बदलाव लाओ। लोगों को जगाओ,
हरियाली बढ़ाओ। रचनाकार- शंकर गोयल
शीर्षक -बीमार पेड़
राज्य-छत्तीसगढ़
संपर्क-7000484610
shankar.pithora@gmail.com
Tiwtter-@goyalshankar
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*बीमार पेड़*
सूखे व पीले पत्ते को देख कर ,
मैंने पत्ते से पूछा - बीमार हो क्या ?
उसने कहा- बीमार नहीं, पर्यावरण की मार है।
घटता जलस्तर, पर्यावरण खराब हो गया।
हमारा जीना दुश्वार हो गया, धरती को बचाने के लिए, लोग रोज़ लगाते हैं नारा, बचाया तो नहीं लेकिन
लोगों ने रात-दिन हमको मारा।
रोज काटा,रोज जलाया ,
बदले में उसने एक पेड़ न लगाया।
सूखे पेड़ ने कहा -ऐसा गीत रोज़ गाओ,
बदले में आप एक एक पेड़ लगाओ ।
और जगत में जीने की आस जगाओ ,
यही तो बदलाव लाओ। लोगों को जगाओ,
हरियाली बढ़ाओ। रचनाकार- शंकर गोयल

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