Monday, October 21, 2019

छत्तीसगढ़ से कवित्री रश्मि अग्निहोत्री की कविता- मैं मजदूर हूँ।


कवयित्री - रश्मि अग्निहोत्री
राज्य - छत्तीसगढ़
शीर्षक- मैं मजदूर हूँ  !
सम्पर्क -

  #   मैं मजदूर हूँ! #
तेरे कांधे पर विकास पलता है
तेरे दम से संसार चलता है....
गर टिका दे एक पल हल तो
विकास रूक जाये.....
और गर तू चाहे तो
नदियां मुड़ जाये....
सागर सूख जाये
आसमां झुक जाये.....
बनाता गगनचुंबी इमारतें
और झोपड़ी तेरा नसीब.....
सब उपजाता सबको देता
फिर भी कहाये गरीब.....
नदी नहरों को बहाता
किन्तु खुद सूखा हाला ......
और आज दुहाई देखो !
मजदूर दिवस तेरा
सारा संसार मनाता....
काश तेरी दशा की खातिर
कोई नज़र उठती....
काश कोई बनता कानून
तेरे बच्चों की खातिर.....
कृपादृष्टि करते नेता
न्याय देते तुझे ये शातिर....
मगर अफसोस " रश्मि "
तेरा श्रम बहायेंगे ये !
मजदूर दिवस मनायेंगे !
मजदूर दिवस मनायेंगे।।
✍️ रश्मि अग्निहोत्री
      केशकाल ,जिला- कोंडागांव

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