कवि का नाम-शंकर गोयल
राज्य-पिथौरा,छत्तीसगढ़
शीर्षक-ग़ज़ल
संपर्क-7000484610
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ग़ज़ल
बहुत कुछ सोच कर बोलता हूं मैं ,
बोलने से पहले शब्द तौलता हूं मैं ।
जहर बन गई थी जिंदगी जिनकी,
उनके जीवन में मिठास घोलता हूं मैं।
कड़वी है यादें, उदास है मन जिनका,
खुशियों का पिटारा खोलता हूं मैं ।
जीवन में विफल ना हो कभी कोई,
सफलता के दरवाजे खोलता हूं मैं ।
राजनीति मायानगरी है दोस्तों ,
सपने ही सपने हैं बोलता हूं मैं ।
जग में खुशनसीब नहीं कोई शंकर ,
मेहनत करो ज्ञान चक्षु खोलता हूं मैं।।
शंकर गोयल
श्रृंखला साहित्य मंच,पिथौरा
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