Saturday, September 14, 2019

उत्तराखंड रूद्रप्रयाग से कवि कालिका प्रसाद सेमवाल की रचना- अकेला आदमी

नाम कालिका प्रसाद सेमवाल
शीर्षक अकेला आदमी
राज्य उत्तराखंड रूद्रप्रयाग
सम्पर्क  8171208350

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अकेला आदमी

हमारे
चारों ‌तरफ बहुत भीड़ है
बहुत कोलाहल है
फिर भी आदमी अकेला है

बहुत सारे रिश्ते हैं
पत्नी है, पुत्र है
दोस्तों का झमेला है
फिर भी
बहुत अकेला है

बहुत सारे
अधिकार है, कर्त्तव्य है
कई लोगों से
बहुत गहरा नाता है
फिर भी आदमी अकेला है

आदमी
हंसता भी है, गाता भी है,
कुछ गुनगुनाता भी है
लिखता भी है
और पढ़ता भी है
फिर भी आदमी अकेला ही है।

आदमी सोचता है
क्या ले के आया था
और क्या ले के जाउंगा
मन को कई बार समझाया है
आज आदमी
कितना अकेला है।

सच में
आज आदमी बहुत अकेला है
उसके साथ है
उसके कर्म, व्यवहार ही है
आज भी आदमी
बहुत अकेला है
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कालिका प्रसाद सेमवाल
मानस सदन अपर बाजार
रूद्रप्रयाग उत्तराखंड

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