कवि-रशीद अहमद शेख 'रशीद'
राज्य-मध्य प्रदेश
शीर्षक-बादल
सम्पर्क- 9827508664
🌍🌍🌍🌎बादल 🌎🌍🌍🌍
अनदेखे अनजाने बादल
आए जल बरसाने बादल
छलकाएंगे अमृत बूँदें
काली गगरी वाले बादल
ज़ोर-ज़ोर से चिल्लाते हैं
बिजली को चमकाने बादल
सूरज छुपने लगा सहम कर
खूब लगे इतराने बादल
एक जगह कब टिकते हैं ये
बंजारे दीवाने बादल
'रशीद' आसमां पर चित्रों से
कहते हैं अफ़साने बादल
-रशीद अहमद शेख 'रशीद'
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