Monday, September 30, 2019

छत्तीसगढ से कवि परमानंद निषाद की रचना- राष्ट्रपिता बापू

कवि का नाम- परमानंद निषाद
राज्य- छत्तीसगढ, बलौदाबाजार
शीर्षक-  राष्ट्रपिता बापू
मोबाइल-  7974389033

        राष्ट्रपिता बापू
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नाम तुम्हारा सदा अमर है,
सूरज की संतान हो बापू ,

राष्ट्रपिता तुम कहलाते हो,
सभी प्यार से कहते बापू ,

कही ना हिम्मत हारे बापू ,
भारत के उजियारे बापू ,

कल्पना मे भी उऋण हो,
जन-गण-मन साकार करो,

आओ बापू , आओ फिर से,
हम सबका उद्धार करो,

एक लाठी के दम पर तुमने,
अंग्रेजो की जड़े हिलाई,

हमे स्वतंत्र भारत दिया था,
तुम स्वच्छ भारत दे जाओ,

बिना हथियार लड़े हो बापू ,                                             फिर भी हार गया शैतान,

भले मत कहो इसे गांधी जयंती,
इसे स्वच्छ भारत का आवरण चढ़ाओ,

हे बापू तुमको मेरा प्रणाम,
हे बापू तुमको मेरा प्रणाम,

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