कवयित्री का नाम-मीरा आर्ची
चौहान
राज्य-36गढ़
शीर्षक-दहल गया दिल
संपर्क-
आज समाचार पत्र में
पढ़ कर कि मुखबिर की
आशंका में नक्सलियों ने
छात्र की हत्या
सोच कर संत्रास
दहल गया दिल।
भोले बच्चे की मासुमियत
माता-पिता की चीत्कार
निरपराध बेटे की अर्थी
लिए कैसे बढ़े होंगे
उनके कदम
दहल गया दिल।
धधकती चिता
धूं-धूं जलते अरमान
मासूम को बनते राख
कैसे देखी होगी मां
कैसा निशब्द क्रन्दन
दहल गया दिल।
मानवता कहां
खो गई?
पाषाण क्यों हुआ
हृदय?
अमानवीय कृत्य
मानवता को
शर्मशार करती
घटना।
इंसानियत का होता
कत्ल देख
पसीज गया मन
दहल गया दिल।।
मीरा आर्ची चौहान
कांकेर
चौहान
राज्य-36गढ़
शीर्षक-दहल गया दिल
संपर्क-
आज समाचार पत्र में
पढ़ कर कि मुखबिर की
आशंका में नक्सलियों ने
छात्र की हत्या
सोच कर संत्रास
दहल गया दिल।
भोले बच्चे की मासुमियत
माता-पिता की चीत्कार
निरपराध बेटे की अर्थी
लिए कैसे बढ़े होंगे
उनके कदम
दहल गया दिल।
धधकती चिता
धूं-धूं जलते अरमान
मासूम को बनते राख
कैसे देखी होगी मां
कैसा निशब्द क्रन्दन
दहल गया दिल।
मानवता कहां
खो गई?
पाषाण क्यों हुआ
हृदय?
अमानवीय कृत्य
मानवता को
शर्मशार करती
घटना।
इंसानियत का होता
कत्ल देख
पसीज गया मन
दहल गया दिल।।
मीरा आर्ची चौहान
कांकेर
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