१-कवि - गोविन्द सिंह राव
२-शीर्षक - मै किसान हूँ ।
३-सम्पर्क - 9772663818
४-राज्य - राजस्थान
मै किसान हूँ ।
जी हां आजाद भारत का किसान,
समृद्ध भारत का किसान ,
विकसित भारत का किसान ।
बिलकुल वैसा ही,
जैसा आपने तस्वीरों में देखा है।
धंसी आंखें ,
पिचके गाल,
धूप मे जली काली खाल,
अपने हाल से बेहाल,
मै वही किसान हूँ ।
सबको अन्न देने वाला,
सबका अन्नदाता ।
मगर दाने दाने का मोहताज,
पैसे पैसे का मोहताज,
मां की दवाई को तरसता,
बेटे की पढाई को तरसता,
लाडो की सगाई को तरसता,
और
और पत्नी की चुनरी को तरसता,
मै वही किसान ।
जी हां वही किसान,
जो किसी दिन,
किसी पेड़ से लटकता दिखने वाला किसान।
आजाद और समृद्ध भारत का किसान ,
विकसित भारत का किसान।
जी हां ..........................
रचयिता - गोविन्द सिंह राव
धुम्बडिया,जालोर।
राजस्थान
9772664818
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