कवियत्री- रश्मि अग्निहोत्री
शीर्षक - कैनवास
राज्य- छत्तीसगढ़
सम्पर्क- 7415761335
*कैनवास*
बैठी हूं तस्वीर बनाने
नील गगन के तले ।
क्या बनाऊं ?
कितने ताने-बाने
जीवन में ढलें।
अंबर के कैनवास पर
अनुभव की तूलिका
चलने लगी है ।
अपने सपनों को
आकार देना है ।
मुझे प्रकाश -रश्मि से,
चमकेंगे विश्वास के
तारे सारे मन में ,
कैनवास पर बिखरेंगे
मेरे भाव सारे ।
रंग दूंगी इन्हें
सतरंगी रंगों से,
प्रीत और निश्छल
रंग विश्वास का लेकर ।
आओ देखो !
कैसा चित्र उकेरा है
मैंने अपनी कल्पनाओं के
एहसास का ,आओ देखो !
कल्पनाओं का कैनवास!
✍️ रश्मि अग्निहोत्री
केशकाल ,जिला कोंडागांव
Bhut behtrin Maam
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