*मेरा परिचय*
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नाम-धनंजय सिते
साहित्यिक उपनाम-"राही"
पिता-स्व.श्री वासुदेवराव सिते
माता-स्व.-श्रीमती विणा सिते
जन्मतिथी-05-11-1965
शिक्षा-एम.ए.अर्थशास्र
व्यवसाय-अभिकर्ता,भारतीय जीवन बिमा निगम-शाखा सौंसर
साहित्य सेवा-गद्य/पद्य मे गीत,गज़ल,हाईकु,हास्य,व्यंग,
ओज,लघुकथा लेखन
उपलब्धी-समचार पत्रो से प्रकाशन,मंचो सै काव्यपाठ,और कई संस्थाओ से मंचिय काव्यपाठ
एवं आॅनलाईन कवि सम्मेलन के सम्मान पत्र प्राप्त
*साहित्य सेवा आपके लिये क्या है*
👉🏻अपने अंतर्मन की आवाज को जनमानस तक पहूचाना एवं जनमानस के विचारो को कलम के माध्यम से सार्जनिक करना जिससे समाज की बुराइया नष्ट होकर एक सभ्य व सुसंस्कृत समाज का निर्माण हो सके
विधा-गीत,गज़ल,हास्य,व्यंग,हाईकु,
ओज एवं लघुकथा,कहानी आदी
पसंदिदा साहित्यकार-मुंशी प्रेमचंद,काका हाथरसी,महादेवी वर्मा आदी
*वर्तमान पता*-धनंजय सिते(राही)
मु+पोस्ट-लोधिखेड़ा,तह-सौंसर
जिला-छिन्दवाड़ा,मध्यप्रदेश
पिन-480108
*mob-9893415829*
*email-sitedhananjay@gmail.com*
Friday, August 30, 2019
कवि- धनंजय सिते
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दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत
कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528 दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो काति...
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