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*नान नान रहन ता कतना मजा आय।*
*वो दिन भइया अब लहुट के नी आय।।*
*आठ बजे उठन हाथ गोड़ ल छटियाय।*
*अउ चाय बर झगरा होन तहन,दाई नंगत ले ठठाय।।*
*अऊ सरपट तिरन बरफ ला।*
*वो कोहनी के आत ले चुचवाय।।**
*वो दिन भइया अब........*
*पानी गिरे बिकट ता,गोदगोदा में भिंगन।*
*संडेवा काडी़ के बीडी़ ला कलेचुप झिकन।।*
*तकिया के चिरात ले,झगरा होन।*
*तहन ददा ह भारी गुसयाय।।*
*वो दिन भइया.......*
*रात रात भर बिडियो देखतेन।*
*फोकटे फोकट लड़ाई खेलतेन।।*
*सरि मझनिया तरिया में डुबकतेन।*
*पथरा के खोल में.ढोडी़हा कोचकतेन।।*
*तहन लउठी धर के कोतवाल कुदाय।*
*वो दिन संगी अब लहुट के नी आय।।*
*✍रचनाकार✍*
*कवि.कमलेश कौशिक*
*😃कठलहा 😃*
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