माँ सुन लो मेरी आवाज,
मुझे भी इस दुनियां में आने दो।
एक पंछी के जैसे मुझे भी,
इस ऊंचे आसमान में भी उड़ जाने दो।
मैं भी वो सारी खुशियां दूंगी तुम्हें,
जो एक बेटा से तुमने उम्मीद रखी है,
माँ एक बिटिया ही हाथ बटाएँगी तुम्हारा,
ये ही तो माँ की होती सखी है।
सिर्फ एक मौका दो माँ मुझे ,
आपके आखों में खुशी की चमक लाने को,
माँ सुन लो मेरी आवाज,
मुझे भी इस दुनियां में आने दो।
वादा है माँ न होगी अफसोस तुम्हें,
मुझे अवसर देने का,
न देगी ये मौका लोगों को,
तुम्हें कुछ भी गलत कहने का।
माँ इस गुड़िया को भी हक़ है अपनी,
खुद की जगह बनाने को,
माँ सुन लो मेरी आवाज ,
मुझे भी इस दुनियां में आने दो।
....✍️अनिता सुभाष देशमुख।
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