सरकारी दफ्तर में रैक मे रखी फाईलों के बीच दो फाईले आपस में बातें कर रही थी। पहली फाईल- "कब से हो भाई, यहां? दूसरी ने हल्की मुस्कान के साथ जवाब दिया- " छ: बरस हो गए हैं!"
दोनो की बात हो रही थी कि तभी एक चमचमाती,खुशबु से सनी करारे पन्नों के साथ एक फाईल चपरासी के हाथों के सहारे दफ्तर के बाबू के टेबल पर गई।एक फुसफुसाहट में आवाज सुनाई दी-"अपनी सैटिंग की फाईल है"। बाबू साहब ने बिना कुछ देखे,हस्ताक्षर की छाप और मुहर की थाप मार दी,और फाईल आगे बढ़ा दी। ये नजारा देखकर दोनो फाईल जो बाते कर रही थी, वो बोली- "तगड़ी पार्टी की फाईल होगी, हम तो बीपीएल ठहरे।"
✍पुखराज प्राज
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